बिहार के वीर शहीद रणवीर सेना के संस्थापक एवं अगड़े जाती के सबसे बड़े मसीहा ब्रह्मेश्वर सिंह उर्फ़ मुखिया जी आज पंचत्व में विलीन हो गए| आज मुखिया जी की अंत्येष्टि पटना के प्रसिद्ध बांस गहत पर संपन्न हुआ| मेरे भी कुछ मित्र मुखिया जी के सव यात्रा में शालिम थे, एक लम्बी कतारों में समस्त बिहार से लोग मुखिया जी के अंतिम दर्शन के लिए पटना आए थे, सभी के मुखों से नारे निकल रहे थे मुखिया जी अमर रहे| वो सवर्णों के भगवान थे और भूमिहार के शान थे| ऐसे महापुरुष को खोना काफी दुखद बात है| अंत्येष्टि के दौरान सेना के समर्थकों ने कई जगहों पर आगजनी की और अपना रोष प्रकट किया| शव यात्रा के दौरान मुखिया जी के समर्थकों ने नेताओं का जमकर बहिष्कार किया|
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सी.पी. ठाकुर पर भी हमला किया गया है। उनकी गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। जेडीयू सांसद ललन सिंह के साथ भी ब्रह्मेश्वर के समर्थकों ने बदसलूकी की है। समर्थक पुलिस पर भी हमला कर रहे थे। पुलिस भागती नजर आ रही थी। वह कुछ नहीं कर रही थी।
ब्रह्मेश्वर सिंह के शव यात्रा को देखते हुए आरा-पटना सड़क मार्ग पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई हस्तक्षेप नहीं की। समर्थक रास्ते भर हंगामा करते रहे। जबरन दुकाने बंद करवाते रहे। मीडिया पर भी हमला किया। रास्ते में लोगों की पिटाई भी की। करीब 50 से ज्यादा जगहों पर आगजनी की। कई गाड़ियों में आग लगाई गई। ब्रह्मेश्वर के समर्थक पूरी योजना के साथ पटना आए थे। अपने साथ पेट्रोल, डीजल और केरोसिन ऑयल लाए थे। उन्होंने पटना में घुसते ही तांडव शुरू कर दिया था।
शनिवार की देर शाम करीब 7 बजे हजारों लोगों की मौजूदगी में पटना के बांस घाट पर ब्रह्मेश्वर के शव को उनके बेटे ने मुखाग्नि दी। गौरतलब है कि ब्रह्मेश्वर मुखिया की शुक्रवार की सुबह अज्ञात अपराधियों ने आरा में उनके घर से कुछ दूरी पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद हत्या से आक्रोशित लोगों ने पूरे आरा में प्रदर्शन किए। कई वाहनों को फूंक दिया गया तथा कई सरकारी दफ्तरों को आग के हवाले कर दिया गया। प्रशासन को आरा शहर में कर्फ्यू भी लगानी पड़ी। हत्या के बाद पूरे राज्य में अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
मैं न्यूज़ चैनलों पर अंत्येष्टि की खबर देख रहा था इस बार मुखिया जी के शव यात्रा के दौरान हुए आगजनी के ऊपर मिडिया सरकार और पटना प्रसाशन को निशाना बना रही थी मैं उन मिडिया वालो से पूछना चाहता की क्या आपको इतना भी समझ नही आता की अगर उस वक़्त पुलिस प्रसाशन थोड़ी भी हिन्षक होती तो माहौल और ख़राब होता और समर्थक और भी रौद्र रूप धारण कर लेते मैं में मिडिया वालों को फिर से कहना चाहूँगा की थोडा समझ कर इतने गंभीर विषय पर बोले क्योकि नही मुझे नही लगता में सारे राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल वालो को मुखिया जी के सकसियत के बारे में कुछ पता होगा| मैं मानता हम हूँ उस वक़्त जो भी प्रसाशन ने किया वो बिलकुल सही था वरना कोई भी गलत कदम पूरे मध्य बिहार/ मगध प्रान्त को एक बार फिर जातिगत हिंसा की और धकेल देता|
मैं उन रणवीर सेना के समर्थकों से भी अनुरोध करता हूँ की भाइयों सामाजिक समरसता को टेष ना पहुंचाए जिन जगहों पर आगजनी कर रहे है सब सामाजिक संपत्ति जिसको नुक्सान करके वो खुद रोजमर्रा की ज़िन्दगी में कमी कर रहे हैं| भाइयों मित्रों और रणबीर सेना के समर्थकों ये समय आगजनी का नही है बल्कि सवर्णों के एकजुट होने का है सत्ता को हिलाने का है| कानून में भरोसा रखे मुखिया जी को हमसे अलग करने वालों को सजा जरुर मिलेगा और आपसे एक बार फिर अनुरोध करता हूँ मुखिया जी के क़ुरबानी को बेकार ना होने दो और समस्त सवर्ण/ अगदी जाति एकजुट होकर समाज के लिए काम करे और मुखिया जी के आत्मा को शांति दे|
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सी.पी. ठाकुर पर भी हमला किया गया है। उनकी गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। जेडीयू सांसद ललन सिंह के साथ भी ब्रह्मेश्वर के समर्थकों ने बदसलूकी की है। समर्थक पुलिस पर भी हमला कर रहे थे। पुलिस भागती नजर आ रही थी। वह कुछ नहीं कर रही थी।
ब्रह्मेश्वर सिंह के शव यात्रा को देखते हुए आरा-पटना सड़क मार्ग पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई हस्तक्षेप नहीं की। समर्थक रास्ते भर हंगामा करते रहे। जबरन दुकाने बंद करवाते रहे। मीडिया पर भी हमला किया। रास्ते में लोगों की पिटाई भी की। करीब 50 से ज्यादा जगहों पर आगजनी की। कई गाड़ियों में आग लगाई गई। ब्रह्मेश्वर के समर्थक पूरी योजना के साथ पटना आए थे। अपने साथ पेट्रोल, डीजल और केरोसिन ऑयल लाए थे। उन्होंने पटना में घुसते ही तांडव शुरू कर दिया था।
शनिवार की देर शाम करीब 7 बजे हजारों लोगों की मौजूदगी में पटना के बांस घाट पर ब्रह्मेश्वर के शव को उनके बेटे ने मुखाग्नि दी। गौरतलब है कि ब्रह्मेश्वर मुखिया की शुक्रवार की सुबह अज्ञात अपराधियों ने आरा में उनके घर से कुछ दूरी पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद हत्या से आक्रोशित लोगों ने पूरे आरा में प्रदर्शन किए। कई वाहनों को फूंक दिया गया तथा कई सरकारी दफ्तरों को आग के हवाले कर दिया गया। प्रशासन को आरा शहर में कर्फ्यू भी लगानी पड़ी। हत्या के बाद पूरे राज्य में अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
मैं न्यूज़ चैनलों पर अंत्येष्टि की खबर देख रहा था इस बार मुखिया जी के शव यात्रा के दौरान हुए आगजनी के ऊपर मिडिया सरकार और पटना प्रसाशन को निशाना बना रही थी मैं उन मिडिया वालो से पूछना चाहता की क्या आपको इतना भी समझ नही आता की अगर उस वक़्त पुलिस प्रसाशन थोड़ी भी हिन्षक होती तो माहौल और ख़राब होता और समर्थक और भी रौद्र रूप धारण कर लेते मैं में मिडिया वालों को फिर से कहना चाहूँगा की थोडा समझ कर इतने गंभीर विषय पर बोले क्योकि नही मुझे नही लगता में सारे राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल वालो को मुखिया जी के सकसियत के बारे में कुछ पता होगा| मैं मानता हम हूँ उस वक़्त जो भी प्रसाशन ने किया वो बिलकुल सही था वरना कोई भी गलत कदम पूरे मध्य बिहार/ मगध प्रान्त को एक बार फिर जातिगत हिंसा की और धकेल देता|
मैं उन रणवीर सेना के समर्थकों से भी अनुरोध करता हूँ की भाइयों सामाजिक समरसता को टेष ना पहुंचाए जिन जगहों पर आगजनी कर रहे है सब सामाजिक संपत्ति जिसको नुक्सान करके वो खुद रोजमर्रा की ज़िन्दगी में कमी कर रहे हैं| भाइयों मित्रों और रणबीर सेना के समर्थकों ये समय आगजनी का नही है बल्कि सवर्णों के एकजुट होने का है सत्ता को हिलाने का है| कानून में भरोसा रखे मुखिया जी को हमसे अलग करने वालों को सजा जरुर मिलेगा और आपसे एक बार फिर अनुरोध करता हूँ मुखिया जी के क़ुरबानी को बेकार ना होने दो और समस्त सवर्ण/ अगदी जाति एकजुट होकर समाज के लिए काम करे और मुखिया जी के आत्मा को शांति दे|
सुमीत श्रीवास्तव
संपादक, लोकतंत्र दर्पण
संपादक, लोकतंत्र दर्पण

